Khyal!

Dekh raha hu khwab ek Ek nazm bhi bun raha hu tere khyaal waale baago mein Khushbu mein ghule ehsaaso mein phool bhiyaha kaanto sang Mohabbat mein dard hai madham. देख रहा हुँ ख़्वाब एक एक नज़्म बुन रहा हुँ तेरे ख्याल वाले बागों में खुश्बू में घुले एह्सासौ में फ़ूल भी यहाँ काँटों सँग … Continue reading Khyal!

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हिसाब

यादों का हिसाब रख रहा हूँ सीने में अज़ाब रख रहा हूँ तुम कुछ कहे जाओ क्या कहूँ मैं बस दिल में जवाब रख रहा हूँ दामन में किए हैं जमा गिर्दाब जेबों में हबाब रख रहा हूँ आएगा वो नख़वती सो मैं भी कमरे को ख़राब रख रहा हूँ तुम पर मैं सहीफ़ा-हा-ए-कोहना इक … Continue reading हिसाब

तुम (Tum)

एक उम्र बीत गयी एक जमाना गुज़र गया तेरे साथ गुजारे पलों का पैमाना टूट गया वादों और बातों में बनी थी जो यादें तेरी उन यादों का फ़साना छूट गया मोहब्बत के सुर तो थे बेपनाह तुमसे तुम क्या गये, मेरे साज़ो का तराना बिखर गया Ek umra beet gayi Ek zamaana guzar gaya … Continue reading तुम (Tum)

मुलाकात (Mulakat)

Safar ek tarafa mera mohtaaz nahi manzilo ka ke jaana jaha hai wo jaha acha nahi lagta haseen raasto par chalna hamari fitrat mein nahi basta mulakat intezaar mein hai aur hum un aankho ko dhundhte jinme sukoon hai chain hai hai ek thehrav umrabhar ka khanabadosh hum bhi hai musafir zindagi ke wo bhi … Continue reading मुलाकात (Mulakat)

Umbrella☔

रूबरू ज़िंदगी कई बार हुई तो थी फासलों के दरमियान कही फँसी हुई सी चेहरे पर खामोश दुपट्टा ओढ़कर वो दुर चलकर थोड़ा रुकी सी थी, इन्तेज़ार आज भी उन्हे हमारे और हमें उनके इशारे का रहा बेचारा दिल घने बादलों में भी धूप सेकता खुला अंब्रेला होकर रह गया ! I had faced life … Continue reading Umbrella☔

Broken tough!

सुना था टूटकर चीज़े बिखर जाती है जुड़ती कहाँ है बिखरी चीज़े तित्तर बित्तर हो जाती है पर इश्क में टूटा दिल तो काफी सख्त हो गया है। ___________________________________ I've heard that things get scatter once broken Scattered things will get disperse instead fusing back again however broken heart in love became too tough. -prashantt … Continue reading Broken tough!